(PLN)आने वाले लोकसभा चुनाव से पहले जहाँ सभी पार्टियाँ अपनी जीत का दावा कर के चुनावी मैदान में ताल ठोंक रही हैं तो वही भाजपा और कांग्रेस में अभी से इस बार की टक्कर चल रही है कि दोनों में चुनाव से पहले जनता के मन में कौन ये स्थापित कर पाता है कि आने वाले समय में उनका पडला भारी है . इस शह और मात के खेल में अब तक तमाम नेता भारतीय जनता पार्टी में टूट कर आ रहे थे जो इस पार्टी की दावेदारी को मजबूत कर रहे थे . लेकिन अब हुआ उस से भी कुछ ज्यादा .
पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को अरुणाचल प्रदेश में बड़ी सफलता मिली है. इस पूर्वोत्तर राज्य में बीजेपी ने बिना चुनाव लड़े ही दो सीटों पर कब्जा कर लिया है. 11 अप्रैल को होने वाले चुनाव से पहले ही इन सीटों पर मिली जीत को बीजेपी के लिए एक बड़ी बढ़त के रूप में देखा जा रहा है. दरअसल, अरुणाचल प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं. आलो सीट पर सर केंटो जिनी और याचुली सीट से इंजीनियर ताबा तेदीर ने जीत दर्ज की है.
विदित हो कि अरुणाचल प्रदेश में भाजपा की धमाकेदार दस्तक हुई है . इसके पीछे चीन की दादागीरी रोकने के लिए सरकार द्वारा तैनात की गयी सेना और वहां पर करवाए गये कार्यों के असर बताये जा रहे हैं . . अरुणाचल प्रदेश एक ऐसा प्रदेश है जहाँ पर एक समय भारतीय जनता पार्टी को प्रत्याशी तक नहीं मिलते थे लेकिन अब वहीँ खिलना शुरू हुआ है कमल .. भारतीय जनता पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती हुआ करते थे पूर्वोत्तर के राज्य लेकिन अब वही उसकी मजबूती बनते दिखाई दे रहे हैं .