जालंधर: पनबस-पी.आर.टी.सी. ठेका कर्मचारी यूनियन ने 7 से 9 अप्रैल तक अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रस्तावित हड़ताल को रद्द करने का फैसला किया है। यह निर्णय परिवहन मंत्री और विभाग के अधिकारियों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में कई मुद्दों पर सहमति बनने के बाद लिया गया है। यूनियन ने फिलहाल अपने सभी आगामी प्रदर्शन कार्यक्रमों को भी स्थगित कर दिया है।
यूनियन की प्रदेश कमेटी के अध्यक्ष रेशम सिंह गिल और महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों ने जानकारी देते हुए बताया कि परिवहन मंत्री के साथ हुई बैठक काफी सकारात्मक रही। बैठक में नई ट्रांसपोर्ट नीति लाने, किलोमीटर स्कीम के तहत चलाई जा रही बसों की योजना को रद्द करने और पनबस व पी.आर.टी.सी. के सभी ठेका कर्मचारियों को समान वेतन देने जैसी कई अहम मांगों पर सहमति बनी है और इन्हें पूरा करने का आश्वासन मिला है।
यूनियन नेताओं ने आगे बताया कि कर्मचारियों की सेवा अवधि बढ़ाने और वेतन वृद्धि की शर्तों में सुधार करने पर भी सहमति जताई गई है। उन्होंने अपनी मुख्य मांग का जिक्र करते हुए कहा कि विभाग में सीधे तौर पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने पर भी बातचीत हुई है, जिस पर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। इसके साथ ही, ठेके के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को सीधे विभाग के अधीन भर्ती करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया।
कर्मचारियों ने बताया कि इन्हीं मुद्दों पर आगे की चर्चा के लिए 9 अप्रैल को वित्त मंत्री और एडवोकेट जनरल के साथ एक बैठक निर्धारित की गई है। इस बैठक के बाद ही यूनियन अपनी अगली रणनीति तय करेगी। अन्य लंबित मांगों के समाधान के लिए एक कमेटी गठित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ है, जिस पर जल्द ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
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Useful news for those who travel in government buses