अनोखी पहल: कोरोना ने स्कूलों में लगवाया ताला तो अब बगीचों में क्लास ले रहे हैं शिक्षक

अनोखी पहल: कोरोना ने स्कूलों में लगवाया ताला तो अब बगीचों में क्लास ले रहे हैं शिक्षक

अहमदाबाद: कोरोना वायरस महामारी ने स्कूलों को बंद करने पर मजबूर कर दिया है, लेकिन शिक्षा का दौर जारी है। इस बात का सबूत है गुजरात शिक्षा विभाग की शेरी शिक्षण पहल, जिसके तहत वर्चुअल एजुकेशन से वंचित बच्चे अब खुले मैदानों, बगीचों में शिक्षा हासिल कर रहे हैं। अलग-अलग विषयों के शिक्षक रोज बगीचों में पहुंचते हैं और बच्चों को पाठ पढ़ाते हैं। हालांकि, टीचर्स यह बताते हैं कि शुरू में माता-पिता बच्चों को क्लास के अलावा पढ़ाई के लिए कहीं और भेजने में संकोच कर रहे थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें इसकी जरूरत का एहसास हुआ।

अहमदाबाद के नारनपुरा इलाके में स्थित एक पार्क में 8वीं के बच्चे अंग्रेजी की क्लास के लिए इकट्ठा हुए हैं। सफेद बोर्ड को कॉन्क्रीट की बेंच पर लगाया गया है, जिसके सामने अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन की तरफ से संचालित नारनपुरा हिंदी माध्यम स्कूल के सभी छात्र बैठे हैं। इसी बाग के एक कोने में गणित की क्लास चल रही है, जहां टीचर ऊषा राजपूत बच्चों को ‘साइड्स और एंगल्स’ का ज्ञान दे रही हैं।

नारनपुरा हिंदी माध्यम स्कूल में कक्षा 8 की शिक्षिका रुचिका शाह बताती हैं कि इस प्रोग्राम का शुरुआती मकसद उन बच्चों को शामिल करना था, जो डिवाइस या इंटरनेट की कमी के चलते वर्चुअल क्लास में जुड़ नहीं पा रहे हैं। बाद में बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हर दिन एक घंटे से ज्यादा समय के लिए हम सभी शिक्षक अलग-अलग इलाकों में जाते हैं और हमारे स्कूल के बच्चों को पढ़ाते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ये कक्षाएं लोअर प्राइमरी (3-5) और अपर प्राइमरी (6-8) के लिए ही हैं। मेरी क्लास के करीब 75 फीसदी बच्चे इन कक्षाओं में शामिल होते हैं।’

इस पहल की शुरुआत जून के आखिरी हफ्ते में हुई थी। गुरुवार को सरकार ने 50 फीसदी क्षमता के साथ 12वीं की कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया है। इस प्रोग्राम की सफलता को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडासमा ने बताया, ‘कोविड के मामलों में गिरावट के साथ सरकार ने शेरी शिक्षण की इस पहल को शुरू करने का फैसला लिया था। इसके जरिए शिक्षक बच्चों तक पहुंचते हैं और सुरक्षित वातावरण में उन्हें पढ़ाते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘माता-पिता, शिक्षकों और बच्चों से मिली इस तरह की सकारात्मक प्रतिक्रिया देखते हुए मैंने विभाग को शिक्षण के इस तरीके को पूरे राज्य में सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।’

Unique Initiative: Corona got locks installed in schools, so now teachers are taking classes in the gardens