फिर विवादों में जालंधर का न्यू रूबी अस्पताल. कोरोना मरीज की मौत के बाद परिजनों ने बुलाई पुलिस, बोले – अस्पताल में ऑक्सीजन का स्टॉक खत्म होने से मरीज की हुई तड़प तड़प कर मौत.

फिर विवादों में जालंधर का न्यू रूबी अस्पताल. कोरोना मरीज की मौत के बाद परिजनों ने बुलाई पुलिस, बोले – अस्पताल में ऑक्सीजन का स्टॉक खत्म होने से मरीज की हुई तड़प तड़प कर मौत.

 


जालंधर( अमन बग्गा ) जालंधर के लिंक रोड पर स्थित न्यू रूबी अस्पताल में एक बार फिर नया विवाद पैदा हो गया है। यहां पर ऑक्सीजन के अभाव में एक मरीज के दम तोड़ने की बात सामने आ रही है । कोरोना मरीज की मौत के बाद परिजनों की तरफ से अस्पताल पर गम्भीर आरोप लगे है। परिजनों की तरफ से भारी रोष को देखते हुए थाना 7 के SHO सिद्धू समेत कई पुलिसकर्मी रात 11 बजें मौके पर पहुंच गए।

दरअसल मामला उस समय गर्मा गया जब तकरीबन शाम साढ़े 7 बजें के करीब जालंधर के गांव सिकन्दरपुर के रहने वाले पासपोर्ट आफिस से रिटायर्ड अधिकारी 65 वर्षीय बलबीर सिंह चीमा की न्यू रूबी अस्पताल में मौत हो गई।
जिस के बाद परिजनों ने मौके पर पुलिस बुला ली।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि न्यू रूबी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। जिस के बाद अस्पताल में भर्ती बलबीर सिंह चीमा ऑक्सीजन की कमी की वजह से तड़पने लग गए जिस के बाद अस्पताल के स्टाफ व डॉक्टरों में अफरातफरी मच गई।

उन्होंने कहा कि अस्पताल के ऑक्सीजन का स्टॉक पूरी तरह से खत्म हो गया था। जिस वजह से ऑक्सीजन न मिलने से आखिरकार बलबीर सिंह ने तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि मरीज की मौत के बाद अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचे। जिस की पुष्टि सीसीटीवी वीडियो से चेक की जा सकती है।

वही दूसरी तरफ कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे न्यू रूबी अस्पताल के डॉक्टर जतिन ने आरोपो को नकारते हुए कहा कि मरीज की मौत ऑक्सीजन की कमी की वजह से नही बल्कि उन के फेफड़ों में इंफेक्शन ज्यादा बढ़ गई थी। जिस वजह से मरीज की हालत बेहद गम्भीर थीं।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर की कोई कमी नही है औऱ अगर ऑक्सीजन के अभाव में मरीज की मौत हुई होती तो अन्य मरीजों को भी ऑक्सीजन की कमी आनी थी जो कि ऐसी किसी मरीज की तरफ से शिकायत नही आई, क्यो कि सभी मरीजों को पूरी तरह से ऑक्सीजन मिल रही है!

वही मौके पर पहुँचे थाना 7 के SHO ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गम्भीरता से जांच कर रही है। अस्पताल में लगे CCTV भी चेक किये जा रहे है। अगर अस्पताल की गलती सामने आई तो कार्रवाई की जाएगी।