पंजाब का एक ऐसा गांव, जहां कोरोना पॉजिटिविटी दर एक फीसदी से भी कम- जानिए वजह

पंजाब का एक ऐसा गांव, जहां कोरोना पॉजिटिविटी दर एक फीसदी से भी कम- जानिए वजह

कपूरथला/भुलत्थ: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। देश के तकरीबन हर राज्य इस समय ऑक्सीजन की कमी, अस्पतालों में बेड्स की कमी और कोरोना से हो रही मौत का सामना कर रहे हैं। हालांकि, इस भयावह माहौल में एक गांव ऐसा भी है, जहां कोरोना पॉजिटिविटी दर 1 प्रतिशत से भी नीचे आ गया है।

कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोरोना की पहली लहर के दौरान बड़ा नुकसान झेलने वाले पंजाब के गांव नंगल लुबाना ने लगातार टेस्टिंग और 45 साल से ऊपर वर्ग के लोगों के 90 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण से कोरोना की दूसरी बड़ी लहर का मुंह मोड़ दिया है। भुलत्थ सब डिवीजन के कस्बा बेगोवाल के इस गांव का पॉजिटिविटी रेट पहली लहर के दौरान 70 प्रतिशत था, जो दूसरी लहर के दौरान 1 प्रतिशत से भी नीचे आ गया है। वर्तमान समय में नंगल लुबाना गांव का कोई भी व्यक्ति न तो अस्पताल और न ही होम आइसोलेशन में है।

कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोरोना की शुरुआत के समय गांव में टेस्टिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण कुल 5234 की आबादी वाले गांव में पॉजिटिविटी रेट 70 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। इसके बाद गांव के लोगों का सहयोग लेकर एसएमओ भुलत्थ डॉ. किरनप्रीत सेखों ने आशा वर्करों और एएनएम को घर-घर जाकर सर्वे करने में लगाया, ताकि 45 साल से ऊपर के लोगों की सही संख्या जानकर उनका टीकाकरण किया जा सके।

कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कुल आबादी में से 45 साल से ऊपर के लोगों की संख्या 1334 थी, जिनकी वैक्सीनेशन शुरू की गई। अब तक गांव में लगाए गए 9 विशेष कैंपों में 45 साल से ऊपर के लोगों में से 1213 लोगों को टीका लगाया जा चुका है, जो कि इस उम्र वर्ग का 90.92 प्रतिशत है। वैक्सीन लगवाने वाली गांव की महिलाओं ने बताया कि इस महामारी ने पहले दौर में गांव को झकझोरकर रख दिया था, जिससे उन्होंने सबक लिया।

One such village in Punjab, where corona positivity rate is less than one percent – know the reason