👉नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले मेजर सिंह की खुली पोल, खादी बोर्ड के डायरेक्टर पद की गरिमा को किया लज्जित, कैप्टन के आदेशों को दिखाया ठेंगा👍, कानून को समझा कठपुतली,  क्या करेगी जालंधर पुलिस कार्रवाई

👉नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले मेजर सिंह की खुली पोल, खादी बोर्ड के डायरेक्टर पद की गरिमा को किया लज्जित, कैप्टन के आदेशों को दिखाया ठेंगा👍, कानून को समझा कठपुतली, क्या करेगी जालंधर पुलिस कार्रवाई

 

 

जालंधर( अमन बग्गा ) जालंधर वेस्ट में हुई SHO भगवंत भुल्लर के साथ मारपीट के मामलें में भले ही आरोपियों पर धारा 307 के साथ साथ विभिन्न धाराओं के तहत जालंधर पुलिस द्वारा FIR दर्ज की जा चुकी है।

लेकिन जालंधर में इस बात की चर्चा ने भी जोर पकड़ लिया है कि पार्षद का चुनाव हारने वाले पंजाब खादी बोर्ड के डायरेक्टर कांग्रेसी नेता मेजर सिंह पर जालंधर पुलिस कार्रवाई करने में आखिर क्यों बेबस दिखाई दे रही।

गौरतलब है कि SHO पर हुए हमले की सामने आई विभिन्न सीसीटीवी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मेजर सिंह किस तरह कोरोना के नियमों की धज्जियां उड़ा कर सरेआम आधी रात को आरोपियों के पक्ष में सड़क पर दिखाई दे रहे है।

यहां एक तरफ नाईट कर्फ़्यू में मेजर सिंह ने घर से बाहर निकल कर कर्फ्यू के नियमों को तार तार किया वही दूसरी तरफ मास्क पहनने की भी मेजर सिंह ने कोई परवाह नही की। क्या खादी बोर्ड के डायरेक्टर मेजर सिंह को कानून का कोई डर नही है। क्या उन्हें इस बात का अंदेशा नही की उन की ऐसी हरकत से लोगों में कितना गलत संदेश जा सकता है।

कोरोना के बढ़ते मामलों से चिंतित मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और जालंधर प्रशासन लोगों से बार बार नाईट कर्फ्यू के नियमों को सख्ती से पालने और मास्क पहनने की बार बार अपील कर रहा है।

लेकिन खादी बोर्ड के डायरेक्टर मेजर सिंह को न तो कैप्टन के आदेशों की परवाह है न ही जालंधर के डीसी व सीपी द्वारा की जा रही अपील की कोई चिंता है।इस हरकत से मेजर सिंह के गैरजिम्मेदार व लापरवाह रवैये की पोल खुल गई है।

हालांकि मेजर सिंह की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने पद की गरिमा को देखते हुए प्रशासन द्वारा जारी नियमों को प्रमुखता से पालन करें। मगर लापरवाह रवैये की वजह से मेजर सिंह ने सरकार की तरफ से दिए गए डायरेक्टर पद की गरिमा की भी लाज नही रखी।

क्या मेजर सिंह पर नाईट कर्फ़्यू के नियम लागू नही होते और क्या मेजर सिंह की मास्क पहनने की कोई जिम्मेदारी नही है।

नगर निगम चुनावो में कांग्रेस की जबरदस्त लहर के बावजूद जो नेता पार्षद का चुनाव तक नही जीत सका हो जिस को उस के वार्ड के लोगों ने चुनावों में नकार दिया हो ऐसे नेता को खादी बोर्ड का डायरेक्टर बना दिया।

हालांकि डायरेक्टर बनाने पर PLN न्यूज़ कांग्रेस सरकार पर तो कोई सवाल नही उठा रहा मगर बड़ा सवाल यह है कि जिस कैप्टन सरकार में मेजर सिंह को खादी बोर्ड में डायरेक्टर पद की जिम्मेदारी मिली है उसी सरकार के सीएम के आदेशों को कम से कम ठेंगा तो नही दिखाना चाहिए था। क्या डायरेक्टर पद की गरिमा को लज्जित करना उन्हें शोभा देता है।

अब देखना यह होगा कि नाईट कर्फ्यू और कोरोना नियमों की परवाह न करने वाले मेजर सिंह पर क्या जालंधर पुलिस मामला दर्ज करती है या नही।