चंडीगढ़: पंजाब में रबी सीजन 2025-26 के तहत गेहूं की कटाई और खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी बीच, जिला मजिस्ट्रेट अंकुरजीत सिंह ने किसानों और कंबाइन मालिकों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी आदेशों के अनुसार, जिले की सीमाओं के भीतर शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक कंबाइन हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
जिला प्रशासन ने यह कदम गेहूं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया है। सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार, गेहूं खरीद के लिए नमी की अधिकतम मात्रा 12 प्रतिशत होनी चाहिए। अधिकारियों का मानना है कि रात के समय ओस या नमी के कारण गेहूं में नमी की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे किसानों को मंडी में अपनी फसल बेचने में दिक्कत आ सकती है और सरकारी खरीद मानकों का उल्लंघन हो सकता है। इसलिए, यह सुनिश्चित करने के लिए कि मंडियों में पहुंचने वाला गेहूं उच्चतम गुणवत्ता का हो और उसमें नमी की मात्रा निर्धारित सीमा के भीतर रहे, कंबाइन मालिकों को केवल दिन के उजाले में (सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक) ही कटाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही, जिला मजिस्ट्रेट ने एक अन्य आदेश जारी करते हुए जिले की सीमा में गेहूं की कटाई के बाद बचे अवशेष और पराली जलाने पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के मद्देनजर उठाया गया है।
गेहूं कटाई के समय और पराली जलाने पर लगाए गए ये दोनों प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और 1 जून, 2025 तक प्रभावी रहेंगे। इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी जिले के वरिष्ठ पुलिस कप्तान (SSP) और मुख्य कृषि अधिकारी को सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि रबी सीजन 2025-26 के लिए गेहूं खरीद की प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और यह 15 मई, 2025 तक जारी रहेगी।
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