DIPS IMT में करवाया गया फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम

DIPS IMT में करवाया गया फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम

जालंधर (अमन बग्गा): डिप्स आईएमटी में टीचर्स के लिए फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। जिसमें उन्हें पर्सनैलिटी डेवल्पमेंट और बॉडी लैंग्वेज के महत्व से अवगत करवाया। इस दौरान उन्होंनेबताया कि टीचर्स खुद की पर्सनैलिटी ग्रूमिंग करके अपने कार्य क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते है। मुख्य स्पीकर के तौर पर डिप्स चेन कॉलेजस के डायरेक्टर के के हांडू ने सभी टीचर्स को ऑनलाइन बताया कि वह किन बातों को मद्देनजर रखते हुए खुद की शारीरिक व मानसिक तौर पर ग्रूमिंग कर सकते हैं।

टीचर्स को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व विकास बहुत ही महत्वपूर्ण होता है कोई भी क्षेत्र हो हम शरीर की भाषा यानी की बॉडी लैंग्वेज और भावों की मदद से अपनी बातें बिना बोले प्रभावी ढंग से कह सकते हैं।

बतौर शिक्षक होने के नाते हमें अच्छे से इस बात का पता होना चाहिए कि हमारी बॉडी लैंग्वेज किस तरह से विद्यार्थियों पर असर डालते है। जब भी टीचर क्लास में पढ़ाते हैं तो उन्हें विद्यार्थियों के साथ आंखों से संपर्क करते हुए बोलना चाहिए। चेहरे पर मुस्कराहट रख कर बात करनी चाहिए लेकिन अब बात के मुताबिक अपने चेहरे के हाव भाव में बदलाव करना चाहिए ताकि आप जो बोल रहे है वहीं आपके भाव से भी प्रकट हो। हमेशा याद रखें कि जब एक शिक्षक बढ़िया पर्सनैलिटी के साथ विद्यार्थियों को पढ़ाता है तो विद्यार्थी उससे बहुत कुछ सीखते है। जब हम अपनी पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पर काम करते हैं तो हम में सकारात्मक विचार आने लगते हैं आत्मविश्वास बढ़ता है और डर भी खत्म होता है। इसलिए शिक्षकों को हर पल खुद की ग्रूमिंग के साथ विद्यार्थियों की ग्रूमिंग पर भी ध्यान देना चाहिए।

एमडी सरदार तरविंदर सिंह और सीईओ मोनिका मंडोत्रा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षण कार्य काफी मुश्किल और तनावपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में वर्तमान परिस्थिति में अपनी कुशलता बनाए रखने के लिए हर एक को शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक रूप से परिपक्क होने की जरूरत है।