JEE Main परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को शिक्षा मंत्रालय ने दी बड़ी राहत

JEE Main परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को शिक्षा मंत्रालय ने दी बड़ी राहत

नई दिल्लीः शिक्षा मंत्रालय ने JEE Main एग्जाम की तैयारी करने वाले छात्रों को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने आज को ट्वीट करके जानकारी दी कि JEE एग्जाम वर्ष 2021-2022 के लिए 12वीं कक्षा में 75 फीसदी अंकों की पात्रता को खत्म करने का फैसला लिया गया है। बता दें कि JEE Main एग्जाम के तहत ही NIT, IIT, SPA और अन्य CFTI संस्थानों में एडमिशन मिलता है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) के लिए कक्षा 12वीं में न्यूनतम 75% कुल अंक लाने जरूरी नहीं हैं। शिक्षा मंत्री निशंक ने पिछले महीने ही घोषणा कर थी कि JEE (MAIN) एग्जाम चार बार आयोजित किए जाएंगे। इसका पहला चरण 23 से 26 फरवरी, 2021 तक आयोजित किया जाएगा। इसके बाद मार्च, अप्रैल और मई 2021 में अगले तीन सत्र होंगे।

इसके अलावा आईआईटी में दाखिले में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) और चिकित्सा संकाय में दाखिले के लिये राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के पाठ्यक्रम वर्ष 2021 में अपरिवर्तित रहेंगे। छात्रों के जेईई और नीट परीक्षा में सीमित प्रश्नों का उत्तर देने का विकल्प दिया जायेगा। शिक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय के बयान के अनुसार, जेईई-मेंस 2021 का पाठ्यक्रम पिछले वर्ष के समान ही रहेगा। हालांकि छात्रों को प्रश्नपत्र के 90 सवालों में से 75 सवालों का जवाब देने का विकल्प होगा।

प्रश्नपत्र में 90 सवालों में 30-30 सवाल गणित, रसायन शास्त्र और भौतिकी से रहेंगे और उनमें से 75 सवालों (25-25 सवाल गणित, रसायन शास्त्र और भौतिकी) से देने होंगे। गौरतलब है कि जेईई-मेंस 2020 में 75 सवालों पूछे गए थे और छात्रों को सभी सवालों के जवाब (25-25 सवाल गणित, रसायन शास्त्र और भौतिकी) से देने थे। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि नीट (यूजी) 2021 परीक्षा के पैटर्न की अभी घोषणा की जानी है। देश के कुछ बोर्डो द्वारा पाठ्यक्रम कम करने को ध्यान में रखते हुए नीट (यूजी) 2021 प्रश्नपत्र में भी जेईई मेंस की तर्ज पर विकल्प दिये दायेंगे।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने पिछले महीने घोषणा की थी कि जेईई (मेन) के संबंध में प्राप्त सुझावों के आधार कुछ फैसले किये गए हैं और अब परीक्षा चार बार आयोजित की जाएगी। इसका पहला चरण 23 से 26 फरवरी, 2021 तक आयोजित किया जाएगा। इसके बाद मार्च, अप्रैल और मई 2021 में अगले तीन सत्र होंगे।