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71 सालों बाद आया सोमवती/मौनी अमावस्या का दुर्लभ योग, ग़रीबी और दरिद्रता मिटाने के लिए करे बस ये एक उपाय

प्रयागराज : सोमवार यानी चार फरवरी को इस बार मौनी अमावस्या के साथ-साथ सोमवती अमावस्या का अद्भुत संयोग बन रहा है । सोमवती व मौनी अमावस्या पर महा उदय योग बन रहा है। यह दुर्लभ योग 71 सालों बाद बन रहा है। 

क्या है मौनी अमावस्या का महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार मौनी अमावस्या यानी भगवान ब्रह्मा के स्वयंभू पुत्र ऋषि मनु जी ने आजीवन मौन रहकर तपस्या की थी इसीलिए इस तिथि को मौनी अमावस्या कहा जाता है। 

 ग़रीबी और दरिद्रता मिटाने के लिए करे ये एक खास उपाय

➡ 04 फरवरी 2019 सोमवार को सूर्योदय से रात्रि 02:34 तक सोमवती अमावस्या है । जिनको पैसो की कमजोरी है तो तुलसी माता को 108 प्रदिक्षणा करें | और श्री हरि…. श्री हरि…. श्री हरि…. श्री हरि…. ‘श्री’ माना सम्पदा, ‘हरि’ माना भगवान की दया पाना | तो गरीबी चली जायेगी |

? *सोमवती अमावस्या के दिन 108 बार अगर तुलसी की परिक्रमा करते हो, ॐकार का थोड़ा जप करते हो, सूर्य नारायण को अर्घ्य देते हो; यह सब साथ में करो तो अच्छा है, नहीं तो सिर्फ तुलसी को 108 बार प्रदक्षिणा करने से तुम्हारे घर से दरिद्रता भाग जाएगी |

 धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए

 
हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।
? सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गूगल, ७. गुड़, ८. देशी कर्पूर, गौ चंदन या कण्डा।
? विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।
? आहुति मंत्र ?
? १. ॐ कुल देवताभ्यो नमः
? २. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः
? ३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः
? ४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः
? ५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः

 

? मौनी अमावस्या ?
??04 फरवरी 2019 सोमवार को मौनी अमावस्‍या है उस दिन प्रयाग में स्नान की तिथि है सोमवती अमावस्या के पर्व में स्नान-दान का बड़ा महत्त्व है। इस दिन भी मौन रहकर स्नान करने से हजार गौदान का फल होता है।

आप सब प्रयाग तो नहीं जाओगे पर अपने घर पे ही उस दिन स्नान करते समय
? ॐ ह्रीं गंगायै ॐ ह्रीं स्वाहा | ॐ ह्रीं गंगायै ॐ ह्रीं स्वाहा |

? मौनी अमावस्या का मंत्र ?

?? भविष्योत्तर पुराण में बताया कि माघी अमावश्या के दिन अगर भगवान ब्रम्हाजी का कोई पूजन करे, श्लोक और गायत्री मंत्र बोलकर जो ब्रम्हाजी को नमन करते हैं और थोड़ी देर शांत बैठे और फिर गुरुमंत्र का जप करें तो उनको विशेष लाभ होता है | जो भाई-बहन जो सत्संग में आते हैं वो दैवी सम्पदा पायें और लौकिक सम्पदा भी पायें | किसी के सिर पे भार न रहें | दैवी सम्पदा से खूब धनवान हों और लौकिक धन की भी कमी न रहें |
? मंत्र इस प्रकार है –
स्थानं स्वर्गेथ पाताले यन्मर्ते किंचिदत्तंम | तद्व्पोंत्य संधिग्धम पद्मयोंने प्रसादत: ||
? गायत्री मंत्र – 
ॐ भू भुर्व: स्व: तत सवितुर्वरेण्यं | भर्गो देवस्य धीमहि | धियो यो न: प्रचोदयात् ||

ये हैं वो बातें जो भूलकर भी नहीं करनी चाहिए

– मौनी अमावस्या के दिन शराब, मांस आदि का सेवन करने से बचना चाहिए। केवल सादे भोजन ही करना चाहिए।

-दूसरे के घर का अन्न न खायें

– इस दिन जल्दी उठना चाहिए और स्नान और पूजा पाठ करने के बाद भोजन करना चाहिए। सूर्य उदय के बाद तक न सोएं।

– कहा जाता है कि शनिवार के अलावा अन्य दिन पीपल का स्पर्श नहीं करना चाहिए इसलिए पूजा करें लेकिन पीपल के पेड़ का स्पर्श नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे धन की हानि होती है।

-अमावस्या के दिन श्मशान भूमि के आस-पास या अंदर जाने से लोगों को बचना चाहिए, क्योंकि इस दिन और रात में नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बहुत ज्यादा होता है जो मानसिक और शारिरीक दोनों प्रकार की हानि पहुंचाता हैं।

– इस दिन किसी भी प्रकार के क्लेश से बचना चाहिए क्योंकि अमावस्या के दिन देवता पितरों का माना जाता है। घर में सुख-शांति और खुशी का माहौल पितरों की कृपा से बनती है। घर के माहौल को खुशनुमा बनाने के लिए पूजा-पाठ करें और अपने पितरों से आशीर्वाद लेना चाहिए।

– गरूण पुराण के अनुसार अमावस्या के दिन स्त्री और पुरूष दोनों को संबध नहीं बनाना चाहिए क्योंकि इस दिन पर यौन संबंध बनाने से पैदा होने वाली संतान को आजीवन कष्टों का सामना करना पड़ता है।