शाओमी का फोन अचानक जलकर हुआ राख, कंपनी ने बताई ये वजह









नई दिल्ली: स्मार्टफोन में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल में ही इस संबंध में ताजा मामला मुंबई में शाओमी स्मार्टफोन का आया है, जिसमें एक शाओमी स्मार्टफोन में आग लग गई। हालांकि इस मामले में कोई हताहत नहीं हुआ है। यहां कथित रूप से शाओमी के बजट स्मार्टफोन रेडमी नोट 7 एस में आग लग गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक स्मार्टफोन में आग मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट के कारण लगी है। शाओमी ने इस संबंध में जारी अपने बयान में कहा है कि स्मार्टफोन में आग ग्राहक के कारण लगी है।

ईश्वर चौहान नाम के एक व्यक्ति ने फेसबुक पर इस घटना की जानकारी दी है। मुंबई के रहने वाले ईश्वर चौहान ने फेसबुक पर लिखा कि उन्होंने फ्लिपकार्ट से रेडमी नोट 7 एस स्मार्टफोन अक्टूबर में खरीदा था। 2 नवंबर तक सभी चीजें ठीक चल रही थी। उस दिन रेडमी नोट 7 एस स्मार्टफोन टेबल पर रखा हुआ था, जब ईश्वर को कुछ जलने की गंध आई। उन्होंने देखा कि फोन जल रहा है।

ईश्वर ने अपने पोस्ट में बताया है कि जिस वक्त ये घटना हुई उन्होंने फोन को चार्ज पर नहीं लगाया था। उन्होंने बताया कि ना ही फोन उनसे गिरा था ना फोन चार्जिंग पर था। ईश्वर चौहान ने शाओमी के ऑथराइज्ड स्टोर से संपर्क भी किया। चूंकि फोन बुरी तरह से जल गया था, इसलिए सिम कार्ड बाहर नहीं निकाल पाया, जिसके बाद कर्मचारी ने फोन को जांच के लिए भेजने की बात कही।

चौहान ने लिखा है कि शाओमी स्टोर पर 5 दिनों बाद बताया कि बैटरी के साथ कुछ दिक्कत हुई थी। उन्होंने बताया कि सर्विस सेंटर में सवाल पूछने पर उन्हें एक ईमेल आईडी दे दी गई। ईश्वर चौहान शाओमी की इस प्रकार की आफर सेल सर्विस के बाद काफी निराश हुए हैं। उन्होंने कहा है कि अच्छा हुआ जिस वक्त ये घटना घटी ये फोन कोई इस्तेमाल नहीं कर रहा था।

उन्होंने बताया, ‘शाओमी को ईमेल लिखने के बाद रिप्लाई मिला कि मुझे इस संबंध में कॉल किया जाएगा। तीन दिनों के इंतजार के बाद कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव ने कॉल पर बताया कि बैटरी पर वारंटी नहीं मिलती है। चौहान ने फोन के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शाओमी ने इस संबंध में बताया है, ‘शाओमी ने प्रोडक्ट की क्वॉलिटी सबसे महत्वपूर्ण है। पिछले 5 साल में मी फैंस ने ब्रांड पर जो भरोसा दिखाया है वह इसकी वसीयत है। हमें गर्व है कि देश में हमारी मजबूत आफर सेल सर्विस है और हमारा लक्ष्य ग्राहकों की समस्या को मूल रूप से हल करना है। इस मामले में सावधानी पूर्वक जांच के बाद ये साफ हुआ है कि ये दिक्कत किसी बाहरी ताकत के कारण हुई है और इसलिए इसे ‘customer induced damage’ कहा गया है।’



error: Content is protected !!