दिल्ली-NCR में हड़ताल पर ट्रांसपोर्टर्स, कैब मिलना मुश्किल, कई स्कूल बंद, जानिए क्या है मामला






नई दिल्लीः दिल्ली एनसीआर में आज बस, ट्रक, ऑटो और टेम्पो वालों ने चक्का जाम करने का ऐलान कर दिया है। इसकी वजह से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के मद्देनजर आज राष्ट्रीय राजधानी के कई स्कूल बंद रहेंगे। बताया जा रहा है कि इस एक्ट में भारी जुर्माने से ट्रांसपोटर्स नाराज हैं और इसी के खिलाफ में उन्होंने बंद का आह्वान किया है।

हड़ताल और चक्का जाम में दिल्ली-एनसीआर की 51 ट्रांसपॉर्ट यूनियन के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। कॉन्ट्रैक्ट कैरिज की हजारों बसों के अलावा ऑटो-टैक्सी और मिनी बसों की प्रमुख यूनियन भी हड़ताल के समर्थन में हैं। एसोसिएशन चेयरमैन हरीश सभरवाल ने बताया कि दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में हड़ताल रहेगी। ऑटो, टैक्सी, बस, ट्रक, टैम्पो, ग्रामीण सेवा, स्कूल कैब, मिनी आरटीवी बस, काली-पीली टैक्सी के चालक हड़ताल में शामिल होंगे। ऐप आधारित टैक्सी भी इस हड़ताल का हिस्सा बनेंगी।

भारतीय मजदूर संघ की ऑटो-टैक्सी यूनियन के महामंत्री राजेंद्र सोनी ने बताया कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में 40 से अधिक संगठन एक मंच पर आकर हड़ताल कर रहे है। यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ट्रांस्पोर्ट एसोसिएशंस (यूएफटीए) ने हड़ताल का आह्वान किया है। यूएफटीए में ट्रक, बस, ऑटो, टेम्पो, मेक्सी कैब और टैक्सियों का दिल्ली/एनसीआर में प्रतिनिधित्व करने वाले 41 यूनियन और संघ शामिल है।

दिल्ली में 90 हजार ऑटो और पौने तीन लाख टैक्सी चलती हैं। आजादपुर मंडी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन भी इस हड़ताल का हिस्सा हैं। दिल्ली सरकार को दूसरे राज्यों की तरह यातायात नियम तोड़ने पर बढ़ी जुर्माना राशि को कम करना चाहिए। वाहन संचालकों का कहना है कि बढ़ी जुर्माना राशि का खामियाजा चालकों और व्यावसायिक वाहन मालिकों को भुगतना पड़ रहा है।

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