उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के आखिरी शब्द- मैं अभी जीना चाहती हूं, पांच नाम दुनिया में नहीं रहने चाहिए









नई दिल्ली: उन्नाव गैंगरेप पीड़िता का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में शुक्रवार देर रात को निधन हो गया। डॉक्टर ने बताया- उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के आखिरी शब्द थे कि मैं अभी जीना चाहती हूं। ईलाज के दौरान पीड़िता ने अपने भाई से कहा था कि मैं मरना नहीं चाहती हूं, हमें बचा लीजिए। पीड़िता के भाई ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मेरी बहन अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन दुनिया छोड़ने से पहले वो कह गई थी कि पांच नाम (आरोपी) इस दुनिया में नहीं रहने चाहिए।’

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सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी की जंग हार चुकी 23 वर्षीय पीड़िता के पिता ने न्याय की गुहार लगाते हुए मीडिया से कहा, ‘मुझे रूपया-पैसा-मकान कुछ नहीं चाहिए। मुझे इसका लालच नहीं है, बस जिसने मेरी बेटी को इस हालत में पहुंचाया है, उसे हैदराबाद मामले की तरह ही दौड़ाकर गोली मार देनी चाहिये या फिर तत्‍काल फांसी दी जानी चाहिये।’

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वहीं पीड़िता के भाई ने कहा कि उसकी बहन को तब न्याय मिलेगा जब उसके साथ क्रूरता करने वाले उन सभी आरोपियों का भी वही हश्र हो जो उसकी बहन ने झेला। उन्होंने कहा, ‘उसने मुझसे मिन्नत की कि भाई मुझे बचा लो। मैं बहुत दुखी हूं कि मैं उसे बचा नहीं सका।’उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल लोगों को या तो मुठभेड़ में मारा जाए या फांसी पर लटका दिया जाए। उन्हें जीने का कोई हक नहीं है।

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गौरतलब है कि गुरुवार सुबह जब पीड़िता कोर्ट के लिए जा रही थी तभी आरोपी अपने साथियों के साथ आए और पेट्रोल छिड़कर पीड़िता को जिंदा जला दिया। इस दौरान पीड़िता काफी दूर तक भागती रही। बाद में पीड़िता को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उसे दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया।



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