स्पॉट फिक्सिंग: श्रीसंत को मिली बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने हटाया आजीवन प्रतिबंध









नई दिल्ली: आज का दिन भारतीय टीम के पूर्व गेंदबाज शांतकुमारन श्रीसंत के लिए बहुत बड़ा दिन है। सुप्रीम कोर्ट ने उन पर लगे आजीवन प्रतिबंध को समाप्त कर दिया। इसी के साथ कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को निर्देश दिया कि वह श्रीसंत की सजा की अवधि कम करने पर तीन महीने के भीतर निर्णय लें।

श्रीसंत पर से प्रतिबंध हटने के बाद उनके परिवार वालों ने इस पर खुशी जाहिर की है। श्रीसंत पर फैसला आने से पहले उनकी पत्नी भुनवेश्वरी ने अपनी बेटियों के साथ कोच्चि के पास दो मंदिरों में पूजा अर्चना की। श्रीसंत की मां सवित्री देवी ने कहा कि यह मामला शुरू होने के बाद से ही वह अपने बेटे को परेशान देखती रही हैं। उन्होंने कहा, हम भगवान के बहुत शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने उन्हें राहत दी है। मैंने पांच साल से अधिक समय तक उन्हें परेशान देखा है।

भुवनेश्वरी ने घर के बाहर मीडिया से कहा, आखिरकार उन्हें न्याय मिल ही गया। हम यह भी चाहते हैं कि बीसीसीआई उन्हें खेलने की इजाजत दे। हम उन सब का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं जिन्होंने हमारी मदद की। उनकी अभी भी खेलने की इच्छा है और वह खुद को फिट रख रहे हैं।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने आजीवन प्रतिबंध को सही ठहराने के केरल उच्च न्यायालय के निर्णय को चुनौती देने वाली श्रीसंत की अपील पर यह आदेश दिया। न्यायालय ने हालांकि स्पष्ट किया कि उसके इस आदेश से श्रीसंत के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित आपराधिक मामले की सुनवाई प्रभावित नहीं होगी।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने निचली अदालत की ओर से श्रीसंत एवं अन्य को आरोप मुक्त किये जाने को उच्च न्यायालय में चुनौती दे रखी है। यह 2013 के इंडियन प्रीमियर लीग में कथित तौर पर स्पॉट फिक्सिंग करने से जुड़ा मामला है।



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