जालंधर में ईसाई परिवार ने गुरु रविदास जयंती से दो दिन पहले फाड़ डाली गुरु रविदास जी की तस्वीर. गुरु के अपमान से भड़क उठा रविदास समाज. आगबबुला हुए सैंकड़ो लोग उतरे सड़कों पर. बस्ती दानिशमंदा पुलिस छावनी में तब्दील. घुटनों के बल रेंगते आये ईसाई परिवार ने गुरु रविदास मन्दिर में मांगी माफ़ी – Video देखें



 

Video देखने के लिए नीले लिंक पर क्लिक करें

जालंधर में ईसाई परिवार ने गुरु रविदास महाराज की जयंती से दो दिन पहले गुरु रविदास महाराज जी की तस्वीर के टुकड़े टुकड़े कर किया अपमान, भारी पुलिस फ़ोर्स के बीच आग बबूला हुए रविदास समाज ने ऐसे मंगवाई माफ़ी – Video देखें

☝️👆☝️video देखें ऊपर नीली लाइन पर क्लिक करें☝️👆☝️👆☝️👆☝️👆

 

पढ़ें क्या है पूरा मामला और नीचे देखें तस्वीरें

जालंधर( अमन बग्गा) अक्सर हिन्दू संगठनों की तरफ से यह आरोप लगते रहे है कि पादरियों द्वारा धर्म परिवर्तन कर ईसाई बनने वाले हिन्दू व सिख परिवारों को घर में रखी हिन्दू देवी देवताओं और सिख गुरुओं की तस्वीरों ग्रन्थों आदि को अनादर पूर्वक बाहर निकालने के लिए उकसाते है। आरोप लगते है कि धर्म परिवर्तन करने के बाद ईसाई हिन्दू देवी देवताओं व सिख गुरुओं को नफरत की नजर से देखते है । यहां तक मन्दिर गुरुद्वारे का प्रशाद तक नही खाते।

ऐसे ही नफरत व द्वेष घृणा की आग में जल रहे बस्ती दानिशमंदा में पड़ते शिवा जी नगर गली नम्बर 2 में रहते एक परिवार द्वारा गुरु रविदास महाराज की तस्वीर को फाड़ कर बेअदबी करने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह परिवार ईसाई धर्म का अनुयायी है। 

  गुरु रविदास महाराज की तस्वीर फाड़ने की सूचना जैसे ही रविदास समाज के लोगों को मिली तो लोगों का गुस्सा फुट पड़ा और आग बबूला हुए लोगों ने थाना 5 में शिकायत दर्ज करवाई ।

लोगों का रोष बढ़ते देख पुलिस ने तुरंत करवाई करते हुए मां और बेटे को काबू कर लिया। जिस के बाद पुलिस और रविदास समाज के लोगों के सामने माँ बेटे ने सदगुरु रविदास महाराज के पवित्र मन्दिर बस्ती दनिशमंदा में अपनी ग़लती का अहसास करते हुए माफ़ी माँग कर जान छुड़ाई। 

 



error: Content is protected !!