अनुच्छेद 370 हटते ही पंजाब में हिन्दुओं पर जुल्म शुरू? कश्मीर की राह पर CM कैप्टन? पंजाब में जश्न मना रहे हिन्दुओं पर FIR व जेल









 

जालंधर(अमन बग्गा) जिस दिन का बरसो से देश के लोग बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे उस अनुच्छेद 370 हटाये जाने की बड़ी खुशी का जश्न मनाने के आरोप में पजांब के पटियाला में कई हिन्दुओं व लुधियाना में एक हिन्दू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

अब बड़ा सवाल यह है कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने की खुशी पंजाब में मनाना क्या कोई जुर्म है। लग रहा है पंजाब को कश्मीर में बैठे देश विरोधियों की हवा लग गयी है। कश्मीर तो अनुच्छेद 370 की वजह से भुगत रहे गुलामी की सजा से मुक्त हो गया मगर कैप्टन सरकार पर लगता है कही न कही असर छोड़ गया है। यहां एक और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कड़ी आलोचना करते हुए केंद्र सरकार के फैंसले को जम्मू-कश्मीर पर थोपने को पूरी तरह असंवैधानिक करार दिया है। और वही दूसरी ओर अनुच्छेद 370 हटते ही पंजाब में हिन्दुओं पर भी जुल्म शुरू हो गया है। क्या कैप्टन सरकार कश्मीर की राह पर चल पड़ी है।

गम्भीर धाराओं के तहत FIR

कैप्टन के राज में पुलिस ने इन हिन्दुओ पर (188,153A,160,148,149,283, 3/4 Damage to Public Property Act) उपद्रव करना, भीड़ को किसी मकसद के लिए इकट्ठा करना और फिर हुड़दंग करना, पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने जैसी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. और दो लोगों को जेल भेज दिया है। और 17 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।

जाने क्या है पूरा मामला

जम्मू कश्मीर के मौजूदा हालात के मद्देनजर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के लोगों से अपील की थी कि इस हालात को देखते हुए अनुच्छेद 370 के हटने पर ना ही लोग खुशी जाहिर करें और ना ही इसका विरोध करें. लेकिन पटियाला में हिन्दुओ द्वारा पटाखे चलाकर और लड्डू बांटकर जश्नमनाकर खुशी जाहिर की गई. 

एक तरफ सारा देश खुशी मना रहा है हर जगह पटाखे चल रहे हैं पूरा देश संसद में इस घोषणा का स्वागत कर रहा है सारा देश देश भक्ति में सराबोर है। वही इधर पंजाब में इस कि खुशी मनाने पर प्रतिबंध लगाना बेहद निंदनीय है।

 देश के अंदर पंजाब एक ऐसा प्रदेश है जहां पर आप इस खुशी में भाग लोगे तो आपको हिरासत में लिया जा सकता है। और आज कईयों की गिरफ्तारियां हुई है। क्या हम दूसरे कश्मीर की ओर बढ़ने जा रहे हैं?????।जब पंजाब में खालिस्तान समर्थक 15 अगस्त को काला दिवस मनाते है तब क्यों नही की जाती गिरफ्तारी।  रेफरेंडम 2020 का समर्थन करने वालो को क्यों नही किया जाता गिरफ्तार।  कठिन परिस्थितियों में राष्ट्र की शांति और सद्भाव को बिगाड़ने की कोई कोशिश करने वालो पर भले ही सख्त कार्रवाई होनी चाहिए मगर लड्डू बांट कर जश्न मनाने वालों पर कार्रवाई कर गिरफ्तार करना क्या यह अन्याय नही है।

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