यहां आप फ्री में करवा सकते हैं कोरोना टेस्ट, देखें पूरी लिस्ट और जान लें जरूरी बातें









नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण की बीमारी है ऐसे में बचाव का एकमात्र उपाय है कि लोग एक दूसरे से दूरी बना कर रखें। जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके वे अपने ही घरों में रहें और बाहरी लोगों के संपर्क में ना आएं। भारत में हर रोज करीब 10 हजार लोगों को सैंपल टेस्ट कर रहा है जिसमें जो लोग कोरोना से पजीटिव पाए जा रहे हैं उन्हें आइसोलेट कर अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। जिस प्रकार कोरोना मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है ऐसे में देश में निजी टेस्ट लैब भी खोले गए हैं जहां पर आप अपना कोरोना टेस्ट करवा सकते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने लैब की लिस्ट जारी की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत एक सप्ताह में करीब 50 से 70 हजार कोरोना टेस्ट करवा सकता है। प्राइवेट लैब की मदद से इस क्षमता को बढ़ाया भी जा सकता है। भारत में प्राइवेट लैब को टेस्टिंग के लिए मंजूरी दे दी जा चुकी है। मंगलवार को भारत में 22 टेस्ट लैब चेन को मंजूरी दी गई। इन लैब के देशभर में कुल 15 हजार कलेक्शन सेंटर है जहां से वे सैंपल कलेक्ट कर उसे प्राइवेट लैब में टेस्ट करते हैं।

आईसीएमआर की ये है गाइडलाइन्स
आईसीएमआर ने जो टेस्टिंग की गाइडलाइन्स शुरू की है उसके मुताबिक प्राइवेट लैब कोरोना की जांच के लिए 4,500 रुपए से ज्यादा नहीं ले सकती। वहीं संदिग्ध मामलों के टेस्ट के लिए अधिकतम 1500 रुपए जबकि कंफर्मेश टेस्ट के लिए अतिरिक्त 3000 रुपए देने की इजाजत दी है। इतना ही नहीं प्राइवेट लैब से ये भी अपील की गई है कि हो सके तो लैब मरीजों का मुफ्त में या फिर सब्सिडी के साथ कोरोना का टेस्ट करें। इस गाइडलाइन्स के मुताबिक अगर आपको बुखार खांसी और सांस लेने में तकलीफ हो रहा है तो आप स्वास्थ्य केंद्र जा सकते हैं जहां पर आफको बताया जाएगा कि आपको नोवेल कोरोना वायरस का टेस्ट कराना चाहिए कि नहीं।

इन डॉक्यूमेंट की जरूरत
इसके टेस्ट के लिए आपको डॉक्यूमेंट के तौर पर रेफर करने वाले डॉक्टर का लिखित प्रिस्क्रिप्शन, मरीज का पहचान पत्र (आधार कार्ड,/वोटर आईडी/पासपोर्ट) की जरूरत पड़ेगी। इसके साथ ही रेफर करने वाले डॉक्टर को फॉर्म 44 भरना होगा और उसपर हस्ताक्षर करना होगा। इन सबकी पुष्टि के बाद ही आपका कोरोना टेस्ट हो सकता है। इसके लिए आपको लैब पर नहीं जाना होता है। आपको ऑनलाइन बुकिंग करना होता है या कस्टमर केयर नंबर पर फोन करके स्लॉट बुक कर सकते हैं। लैब वाले आपके घर पर आकर सैंपल लेते हैं। आपके घर पर आने वाला व्यक्ति पूरी तरह से प्रशिक्षित होगा। ये सारे लैब वाले फिर सारी रिपोर्ट सरकार तक पहुंचाते हैं जहां से कोरोना के संक्रमित मरीजों का ओवरऑल आंकड़ा सामने आता है।

यहा देंखे पूरी लिस्ट



error: Content is protected !!